रोटोमेक ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक विक्रम कोठारी और बेटा राहुल हिरासत में, छापेमारी के दौरान बैंक से जुड़े अहम दस्तावेज़ बरामद

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सीबीआई और ईडी ने रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी पर शिकंजा कस दिया है.सीबीआई टीम तीन गाड़ियों में विक्रम कोठारी के साथ उनके मामले से जुड़े कई जब्त दस्तावेज भी अपने साथ ले गई.बैंकों के कंसोर्टियम से 3695 करोड रुपए का लोन लेने वाले विक्रम कोठारी व राहुल कोठारी को सीबीआई और ईडी के संयुक्त जांच दल ने काफी पड़ताल के बाद हिरासत में ले लिया . हालांकि सीबीआई और ईडी के किसी अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है परंतु शाम करीब 4:30 बजे तीन गाडिय़ों से निकली टीम के साथ विक्रम कोठारी और राहुल कोठारी भी थे.सीबीआई की जांच टीम ने रविवार को मशहूर इंडस्ट्रियलिस्ट विक्रम कोठारी से उनके आवास पर पूछताछ की थी.

ये खबर गलत थी कि नीरव मोदी की तरह कोठारी भी देश छोड़कर जा चुके हैं. खबर के मुताबिक इनकम टैक्स विभाग ने विक्रम कोठारी के 11 बैंक अकाउंट भी जब्त कर लिए हैं. आरोप में ये बात भी सामने आई है कि कंपनी के मालिक ने एक-दो नहीं बल्कि सात बैंकों को लूटा है.इनकम टैक्स अधिकारियों ने कहा कि विक्रम कोठारी के खिलाफ कथित टैक्स चोरी जांच के संबंध में 11 बैंक खातों में लेन-देन को रोक दिया गया है.

पेन बनाने वाली कंपनी रोटोमैक केकंपनी के मालिक विक्रम कोठारी पर 7 बैंकों के 3700 करोड़ के बैंक घोटाले का आरोप लग रहा है. मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई और ईडी कर रही हैं.

सीबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा, कानपुर की रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशक विक्रम कोठारी, उनकी पत्नी साधना कोठारी और उनके बेटे राहुल कोठारी के अलावा अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायत के बाद मामला दर्ज किया है. शुरू में अनुमान था कि यह घोटाला 800 करोड़ रुपये का हो सकता है. लेकिन सीबीआई की कंपनी के खातों की जांच शुरू होने के बाद यह पाया गया कि कंपनी ने कथित रूप से बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहबाद बैंक और ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स से ज्यादा कर्ज लिए हैं और यह गड़बड़ी इससे कहीं अधिक की है.

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