मुख्य सचिव हाथापाई मामले में ‘आप’ के दोनों विधायक की जमानत याचिका खारिज

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तीस हजारी कोर्ट ने मुख्यसचिव से मारपीट मामले में आप के दोनों विधायकों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. गुरुवार को दोनों विधायकों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.

अभियोजन पक्ष के वकील ने बहस के दौरान खुलासा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन सरकारी गवाह बन गए हैं और उनका कोर्ट और पुलिस के सामने बयान दर्ज हो गया है, जिसमें उन्होंने खुद कहा है, ‘मैं मीटिंग के बीच में वॉशरूम गया और जब वापस लौट तो देखा कि एमएलए अमानतुल्लाह खान और प्रकाश ज़रवाल ने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के घेरा हुआ है और वो उनके साथ मारपीट कर रहे हैं. उनका चश्मा भी नीचे गिर गया.’ ​

इससे पहले एक दिन की न्यायिक हिरासत खत्म होने पर पुलिस ने विधायकों काे कोर्ट में पेश किया. पुलिस ने आधी रात को मुख्य सचिव को सीएम के आवास पर बुलाए जाने के कारणों का पता लगाने के लिए विधायकों से पूछताछ की जरूरत बताई और उनको रिमांड पर देने की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूर नहीं किया. इससे पहले बुधवार को कोर्ट ने कहा था कि मामला बेहद ही संवेदनशील है और विधायक जांच में सहयोग देने के लिए तैयार हैं.

गुरुवार को केजरीवाल के सलाहकार का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किया गया. जैन ने अपने बयान में माना कि उनके सामने मुख्य सचिव के साथ बदसलूकी औऱ मारपीट हुई और ये घटना आधी रात 12 बजे के बाद की है. इसके साथ ही गुरुवार को कोर्ट ने दोनों विधायकों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

केजरीवाल के घर पर हुए कथित झगड़े की वजह एक विज्ञापन को बताया जा रहा है. आरोप है कि केजरीवाल की मौजूदगी में ही पार्टी के विधायकों और मंत्रियों ने मुख्य सचिव पर हमला कर दिया था. हालांकि आम आदमी पार्टी ने आरोपों से इनकार किया है. वहीं उपराज्यपाल इस पूरे मामले की रिपोर्ट जल्द ही गृहमंत्रालय को देने वाले हैं.

केजरीवाल के घर पर हुए कथित झगड़े की वजह एक विज्ञापन को बताया जा रहा है. आरोप है कि केजरीवाल की मौजूदगी में ही पार्टी के विधायकों और मंत्रियों ने मुख्य सचिव पर हमला कर दिया था. हालांकि आम आदमी पार्टी ने आरोपों से इनकार किया है. वहीं उपराज्यपाल इस पूरे मामले की रिपोर्ट जल्द ही गृहमंत्रालय को देनेवाला है. 

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