टेरर फंडिंग पर पाकिस्तान को झटका देने के मूड में थे ट्रंप, अमेरिका के खिलाफ पाक को मिला चीन समेत तीन पड़ोसियों का साथ

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टेरर फंडिंग पर पाकिस्तान को अमेरिकी सरकार झटका देती उससे पहले ही पाकिस्तान ने नई चाल चल दी. उसकी इस चाल में उसे चीन का भी साथ मिल रहा है.यूएस मीडिया में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक में पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए फंडिंग करने वाले देशों की लिस्ट में शामिल करने की अमेरिकी रणनीति से पहले ही पाकिस्तान को पड़ोसी देश चीन, तुर्की और सऊदी अरब का साथ मिल गया है.तीनों ही पड़ोसी देश पाकिस्तान के बचाव में उतर आए हैं.

पाकिस्तान ने इसे अपनी जीत की तरह लिया है, वहीं ट्रंप प्रशासन पैरिस में फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की मीटिंग में पर्दे के पीछे से काम कर रहा है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पहली बार है, जब किसी मुद्दे पर सऊदी अरब और ट्रंप प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पाई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब, पाकिस्तान का साथ गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) की वजह से दे रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका अभी भी इस कोशिश में है कि FATF इस पर आज कोई फैसला करे.हालांकि पाकिस्तान ने बुधवार को दावा किया था कि उसने अमेरिका के प्रयास को विफल कर दिया है. पैरिस के अंतरराष्ट्रीय वॉचडॉग ने उसे इस मामले में तीन महीने की छूट दे दी है.

आपको बता दें कि एफएटीएफ ने 2012 में ऐसे देशों की सूची जारी की थी, जो दुनिया के लिए खतरा बन सकते हैं और उसमें पाकिस्तान का नाम भी शामिल था. उसके बाद से पाक को विदेश से मिलने वाली आर्थिक सहायता में काफी कमी आई है.

एफएटीएफ ने पाक को चेताया है कि यदि समय रहते उसने आतंकी हाफिज सईद और सैय्यद सलाहुद्दीन और पाकिस्तानी तालिबान के खिलाफ कड़े कदम नहीं उठाये तो उसे आर्थिक मोर्चे पर काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

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