योगी के बाद मोदी की अग्निपरीक्षा का समय, कितनी है तैयारी

0

नई दिल्ली: लगता है भारतीय जनता पार्टी का स्वर्णकाल अब अपने बुरे वक्त में चल रहा है। उत्तर प्रदेश में उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद अब नरेन्द्र मोदी सरकार पर मुसीबत के बादल मंडराने लगे हैं। सराकर पर विपक्ष तो पहले से ही हावी होता आया है लेकिन अब पार्टी के अपने भी कन्नी काटने लगे हैं। जिसका नतीजा ये है कि, संसद में मोदी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी हो रही है।

जानकारी के मुताबिक़ आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने पर अड़ी टीडीपी के बाद अब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने भी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए गोलबंदी शुरू कर दी है। पार्टी के 6 सांसदों ने शुक्रवार के लिए लोकसभा महासचिव को प्रस्ताव का नोटिस दिया है। ख़बर तो ये भी है कि, जगन मोहन रेड्डी की पार्टी इसके लिए अन्य विपक्षी दलों से समर्थन भी जुटाने में लगी हुई है।

जगन मोहन द्वारा समर्थन को लेकर लिखे गये पत्र में कहा गया है कि, इस प्रस्ताव के बाद भी केंद्र सरकार आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देने को तैयार नहीं होती है तो पार्टी के सभी सांसद 6 अप्रैल को अपना इस्तीफा दे देंगे। वाईएसआर कांग्रेस के पास लोकसभा में 9 सांसद जबकि राज्यसभा में एक सांसद है।

लेकिन पार्टी की मुसीबत तो तब और अधिक बढ़ गई है जब टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने जगन मोहन को समर्थन देने का एलान कर दिया। विधानसभा में नायडू ने कहा कि अगर जरुरत पड़ी टीडीपी केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी। इससे पहले इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नायडू की ओर से हैदराबाद में एक बैठक बुलाई गई थी।

Share.

About Author

Leave A Reply