रोटोमैक कंपनी का मालिक गिरफ्तार, 3700 करोड़ के घोटाले का आरोप, आज होगी कोर्ट में पेशी

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बैंकों से 3700 करोड़ के घोटालेबाज और पेन बनाने वाली प्रमुख कंपनी रोटोमैक के मालिक विक्रम कोठारी और उसके बेटे राहुल कोठारी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है. ये दोनों कंपनी में निदेशक हैं. इन्हें आज दोपहर 2 बजे के करीब पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा.

दोनों पर 7 बैंकों के कर्न्सोटियम साथ धोखाधड़ी करने का केस चल रहा है. बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से शिकायत के बाद यह केस दर्ज कराया गया था. दोनों को 4 दिन तक पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है.

घोटाले की बात सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रोटोमैक पेन के मालिक विक्रम कोठारी और उसके परिवार के देश छोड़ने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए. फिर ईडी ने कोठारी और उसके परिजनों के जमीन, समुद्र और हवाई मार्ग से भारत छोड़ने पर रोक लगा दी थी.

कोठारी परिवार पर 3,695 करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग की की जांच चल रही है. जांच एजेंसी ने इस मामले में सबूत जुटाने के लिए उन्नाव और कानपुर समेत उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापे भी मारे. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि कोठारी ने बैंक लोन की राशि का इस्तेमाल अपने मनमाने तरीके से नहीं किया है.

ईडी ने रोटोमैक मालिक के कोठारी, उसकी पत्नी साधना और बेटे राहुल के देश छोड़ने पर रोक लगा दी. इसी बीच आयकर विभाग ने कहा है कि उसने रोटैमैक पेन के मालिकों के 14 खाते सीज कर दिए हैं. आयकर विभाग टैक्स देनदारी के मामलों की जांच कर रहा है.

विक्रम कोठारी के पिता मनसुख भाई कोठारी ने 1973 में पराग कंपनी शुरू की. जिसका पान पराग पान मसाला एक वक्त पर घर घर में मशहूर हो गया था. 983 से 87 के बीच पान पराग विज्ञापन देने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में से थी.

मनसुख भाई के निधन के बाद उनके दो बेटे विक्रम और दीपक कोठारी के बीच बंटवारा हुआ. विक्रम कोठारी ने पेन बनाने वाली कंपनी रोटोमैक शुरू की. 1995 के दौरान रोटोमैक कंपनी पेन की दुनिया में सबसे बड़ी ब्रांड बन गई. इसका मुनाफा तब भी करोड़ों में था. यही वजह थी कि विक्रम कोठारी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों बेस्ट एक्स्पोर्टर ऑफ द इयर का सम्मान भी मिला.

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