क्यों मानते हैं महावीर जयंती, जाने महावीर जयंती का महत्त्व

0
महावीर जयंती जैन समुदाय में सबसे शुभ त्यौहारों में से एक है. जैन धर्म को मानने वाले इस दिन को महावीर जयंती के रूप में मनाते हैं. महावीर का जन्म 599 ईसा पूर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की 13वीं तिथि को हुआ था. इस बार यह जयंति 29 मार्च, दिन गुरुवार को मनाई जाएगी.
यह त्योहार धर्म के अंतिम आध्यात्मिक शिक्षक की स्मृति में जैन समुदाय द्वारा मनाया जाता है. भगवान महावीर की मूर्ति के साथ जुलूस निकाला जाता है. जिसे रथ यात्रा कहते हैं. भगवान महावीर जी की मूर्तियों को अभिषेक नामक स्नान कराया जाता है.
भगवान महावीर जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर थे. उनके बचपन का नाम वर्धमान था. कई इतिहासकारों का मानना ​​है कि उनका जन्म अहल्या भूमिया नामक एक जगह में हुआ था.
भगवान महावीर के नाम वर्धमान का अर्थ है, “जो बढ़ता है”. कुंडग्राम और क्वीन त्रिशला के महावीर राजा सिद्धार्थ का जन्म, महावीर इक्षवकू वंश में हुआ. जैन पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह माना जाता है कि उनके जन्म के दौरान, रानी को महान आत्मा के शुभ सपने आए थे. कथायों के अनुसार, यह कहा जाता है कि ज्योतिषियों ने पहले ही भविष्यवाणी की थी कि ये बच्चा या तो चक्रवर्ती होगा या तीर्थंकर होगा.
अंतिम जैन तीर्थंकर ने अहिंसा, सत्य, ब्रम्हचर्य और जिन्दगी के तमाम महत्वपूर्ण बातों पर अपने शिष्यों को उपदेश दिए. महावीर जी 72 साल की उम्र में मोक्ष, जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति प्राप्त कर चुके थे
Share.

About Author

Leave A Reply