Urine संक्रमण रोकने के लिए हर शख्स को खाना चाहिए अनार

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मूत्र मार्ग में होने वाले बैक्टीरिया संक्रमण को यूरीनरी ट्रैक्ट संक्रमण कहते हैं। यह बीमारी संक्रामक होती है जो महिलाओं में होती है। इस बीमारी से बचने के लिए आपको डॉक्टरों अक्सर अधिक तरल पदार्थ का उपभोग करने की सलाह देते हैं। इस संक्रमण में आप अनार का प्रयोग करके इससे छुटकारा पा सकते हैं। यूरीनरी ट्रैक्ट संक्रमण के लक्षणों से राहत के लिए अनार का रस अच्छा होता है। क्योंकि अनार एंटीऑक्सिडेंट्स से भरा होता है।

यूरीनरी ट्रैक्ट संक्रमण

यूरीनरी ट्रैक्‍ट संक्रमण जीवाणु जन्य संक्रमण है जिसमें मूत्र मार्ग का कोई भी भाग प्रभावित हो सकता है। हालांकि मूत्र में तरह-तरह के द्रव होते हैं लेकिन इसमें जीवाणु नहीं होते हैं। यह बीमारी महिलाओं में होती हैं। यूटीआई होने पर मूत्र में जीवाणु भी मौजूद हो जाते हैं। इससे गुर्दे बढ़ने लगते हैं।

यूरीनरी ट्रैक्‍ट से बचने के उपाय- अनार में काफी सारे औषधीय गुण पाये जाते हैं। “एक अनार सौ बीमारी’ यानी 100 बीमारियों की दवा है” अनार विटामिन्स का बहुत अच्छा स्रोत है। इसमें विटामीन ए, सी और ई के साथ-साथ फोलिक एसिड भी होता है। अनार में एंटी आक्सीडेंट, एंटी वाइरल की विशेषता पाई जाती है। इसमें पाये जाने वाले विटामिन सी एंटीऑक्‍सीडेंट जीवाणुओं को मूत्र मार्ग में घुसने से बचाता है।

अनार का सेवन – अनार के दानों को दिन में 3-4 बार खाने से संक्रमण को दूर किया जा सकता हैं। अगर संक्रमण अधिक हो तो दिन में दो से तीन बार अनार खा सकते हैं और अनार का जूस भी पी सकते हैं। अनार को रात में खाना खाने के बाद भी खाऐं।

यूरीनरी ट्रैक्‍ट से बचने के प्राकृतिक तरीके– अनार से अलग भी कुछ और प्राकृतिक उपाय हैं जो इन लक्षणों में राहत देने का कार्य करते हैं। अनार की तरह, नींबू , क्रेनबेरी का रस भी एंटीऑक्सिडेंट होता है। जो यूरीनरी ट्रैक्‍ट से बचने से के लिए काफी लाभदायक हैं। क्रैनबेरी शरीर से सभी विषाक्त पदार्थों को मुक्त करने में भी मदद करता है।

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