जज्बाः 4 दिन की बेटी को गोद में लेकर पति को किया विदा

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मुंबईः अपनो को खोने का दुख हर किसी को होता है, हर कोई इसको झेलता भी है, लेकिन हम सबके अन्दर वो हौसला नहीं होता जो मेजर कुमुद डोगरा के अन्दर देखने को मिला। मेजर कुमुद का नाम शायद आपने कभी नहीं सुना हो,या शायद सुना हो पर कभी ध्यान ना दिया हो। लेकिन अगर ऐसा है तो ये आपकी बड़ी चूक हैं। चूक इसलिए क्योंकि आपके और हमारे लिए यह जानना जरुरी है कि ये मेजर डोगरा है कौन और इनका जिक्र यहां क्यों किया जा रहा हैं।

दरअसल, मेजर कुमुद के पति डी वत्स इंडियन एयरफोर्स में विंग कमांडर थे। 15 फरनरी को को असम के मजोली में उनका माइक्रोलाइट हेलीकॉप्टर कैश हो गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। मेजर कुमुद के लिए बुरी खबर थी। इससे भी बुरी खबर उस बच्ची के लिए थी जो महज कुछ ही दिन की है और अपने पिता की गोद का साया पाने से महरुम रह गई। आपको यह सुनकर दुख होगा कि जिस वक्त वत्स की हादसे में मौत हुई उस वक्त उनकी बेटी महज चार दिन की थी।

कुमुद के लिए पति का जाना किसी गहरे सदमे के कम नहीं था लेकिन मेजर कुमुद ने हिम्मत नहीं हारी। वह जानती थी कि एक फौजी को किस तरह से विदा किया जाता है और एक फौजी को इस दौरान कैसा बर्ताव करना चाहिए । वह अपने पति के अंतिम रस्‍म निभाने के लिए खुद पूरी फौजी वर्दी में अपने पांच दिन के बेटी को हाथ में लिए क्रिमीशन ग्राउंड पर पहुंची थीं। इस दौरान उनके साथ उनके करीबी भी मौजूद थे।

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